प्रभारी और सीएससी की मनमानी के चलते अतिथियों का शोषण चरम पर|*

*प्रभारी और सीएससी की मनमानी के चलते अतिथियों का शोषण चरम पर|* शिक्षा विभाग के अधिकारी अतिथियों के शोषण पर उतर आए है शासकीय शिक्षक अतिथि शिक्षकों के शोषण में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं अतिथियों का अवकाश 1 दिन का रखा जाता है उसमें भी उसकी वेतन काटी जाती है लेकिन अब रविवार को भी अतिथियों की ड्यूटी पोहरी मॉडल स्कूल मैं परीक्षा के लिए लगा दी गई है यह प्रभारियों की मनमानी और सीएससी की मनमानी के चलते अतिथियों के शोषण चरम पर है प्रभारियों द्वारा अतिथियों को समय-समय पर चारों तरफ से दबाव दिया जाता है| जिसमें उन्हें 10:30 से 4:30 तक स्कूल आना स्कूल के प्रत्येक कार्य करना और स्वयं शहंशाह बाजी करना यही लगातार नितियों के साथ शोषण नीति चलती जा रही है आखिर कब तक अतिथियों का शोषण होता रहेगा स्वयं 70 हजारों वेतन लेने वाले 11:30 बजे स्कूल आते हैं और अतिथि को 10:30 बजे बुला लिया जाता है स्कूल का ताला प्रत्येक जगह देखा जाए तो अतिथि शिक्षक ही खोलो रहा है और बंद भी अतिथि शिक्षक कर रहा है शिक्षा के मामले में भी अतिथि शिक्षक का अहम योगदान है फिर भी अतिथि शिक्षकों का शोषण में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है

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