सर्जरी नहीं हुई तो पोहरी में भाजपा के लिए जीत मुश्किल|

(ब्यूरो चीफ -गौरव शर्मा) सर्जरी नहीं हुई तो पोहरी में भाजपा के लिए जीत मुश्किल| भाजपा ने शिवपुरी जिले की विधानसभा सीटों पर जो सर्वे कराया है, उसमें हर सर्वे में वर्तमान विधायक श्री राठखेड़ा को कमजोर बताया गया है। पार्टी और सीआईडी रिपोर्ट में विशेष रूप से टिप्पणी की गई है कि यदि इस क्षेत्र में टिकट का बदलाव नहीं हुआ तो भाजपा का चुनाव जीतना मुश्किल होगा। पार्टी हाईकमान को प्रेषित रिपोर्ट में अन्य दाबेदारों की तुलना में श्री राठखेड़ा की उम्मीदवारी को अधिक कमजोर बताया गया है। रिपोर्ट में उनके खिलाफ एंटीइंकंबेंसी फैक्टर और आरोपों का हवाला दिया गया है। श्री राठखेड़ा सिंधिया समर्थक हैं। वह 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में और 2020 में हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत चुके हैं। उपचुनाव में उनकी जीत का कारण कांग्रेस प्रत्याशी से मतदाताओं की नाराजगी को माना गया था। इसके बावजूद भी केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक को पोहरी से टिकट दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इस विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक प्रहलाद भारती भी टिकट की दौड़ में हैं। वह 2008 और 2013 में लगातार इस क्षेत्र से चुनाव जीत चुके हैं। 2018 में पराजित होने के बाद वह क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे हैं और उन्हें टिकट का प्रबल दाबेदार माना जा रहा है। यदि इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा टिकट के लिए अधिक घमासान हुआ तो पार्टी अपने किसी हैवीवेट उम्मीदवार को भी इस क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतार सकती है।

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